।।ओ३म्।। जय तालेश्वर बाबा। जय कटारमल स्वामी की।। यह एक समृद्ध ग्राम है। प्राकृतिक सम्पदा की सौगात यहा पानीयं जल की कोई कमी नही है। च्युर (भीणा) खुल्युला बहुत बड़ी सौगात है जो वनस्पति तेल की कमी को पूरा करता है। गेंहू पीसने के लिए घट्ट और जातार है। धान कूटने के लिए ओखल। तथा साबुन की जगह रीठा पर्याप्त मात्रा में है। झूलाघाट हे 6 किलोमीटर दूर यौ (खर्कतड़ी) गॉव छः। याक मान्स भौते भल छन। पंचेश्वर डैम बन न्या हो तब बठे या उथल पुथल मची रए। गौर बाकरान् झांक आ ऋछ भल्।